folk songs of rajasthan-राजस्थान के लोक गीत-लोक गीत क्या होता है। लोकगीत कब गाये जाते है।- Gk in Hindi.



राजस्थान के लोक गीत । folk songs of rajasthan-online clasess, 
लोक गीत क्या होता है।
लोकगीत कब गाये जाते है।


rajasthan gk in hindi.



  • जनसमुदाय द्वारा गाए जाने वाले परम्परागत गीत को लोकगीत कहते है।लोक गीत समुदाय की धरोहर होते है। ये किसी भी देश की संस्कृति के रक्षक हैं। त्यौहारों और उत्सवों के साथ इनका अटूट संबंध होता है। लोकगीतों में सादापन होता है। किन्तु भावों से ये लबालब भरें होते है और ह्रदय को आनन्द कर देते है।















राजस्थान के मुख्य लोकगीत-

1-हिचकी लोकगीत क्या है। हिचकी लोकगीत कहाॅ गाया जाता है। हिचकी लोकगीत किसे कहते है।

  • -हिचकी लोकगीत अलवर मेवात का प्रसिद्व गीत है। ऐसी मान्यता है कि किसी के द्वारा याद किए जाने पर हिचकी आती है।
  • हिचकी लोकगीत के कुछ अंश-


म्हारा पियाजी बुलाई म्हानै आई हिचकी।


2- रातीजगा क्या होता है। रातीजगा किसे कहते है।
 रातीजगा क्यों करते है।















  • -विवाह ,जन्मोत्सव,मुन्डन आदि शुभ अवसरों पर अथवा मनौती मनाने पर रात भर जाग कर गाए जाने वाले किसी देवता के गीत राजीजगा कहलाते है।

3- कामण गीत क्या होता है। कामण गीत किसे कहते है। 
कामण गीत कब गाया जाता है। 

  • -राजस्थान के कई क्षेत्यरों में वर को जादू-टोने से बचाने के लिए गाए जाने वाले गीत कामण गीत कहलाते है।

4-पावणा लोकगीत क्या होता है। पावणा गीत कब गाते है। 










  • पावणा लोकगीत -नए दामाद के ससुराल में आने पर महिलाऐं द्वारा पावणा गीत गाए जाते है। ये गीत भोजन कराते समय व उसके बाद गाए जाते है।



5-कांगसियों क्या होता है। कांगसियों लोकगीत किसे कहते है। 


  • कांगसियों कंघे को कहते है। इस पर प्रचलित लोकगीत को कांगसियों लोकगीत कहते है।
  • कांगसियों लोकगीत के कुछ अंश-

म्हारै छैल भॅवर रो कांगसियों पणिहारियाॅ ले गई रे।



6-पणिहारी लोकगीत क्या होता है। पणिहारी लोकगीत कैसे और क्यों गाते है।











  • पणिहारी लोकगीत पानी भरने वाली महिलाओं को पणिहारी कहते है। यह राजस्थान का प्रसिद्व लोकगीत है। जिसमें राजस्थानी महिलाआंे का पतिव्रत धर्म पर अटल रहना बताया गया है।



7-घूमर लोकगीत क्या होता है। घूमर लोकगीत कब गाया जाता है। 


  • घूमर लोकगीत राजस्थान के प्रसिद्व लोकनृत्य घूमर के साथ गाया जाने वाला गीत है। यह लोकगीत गणगौर के त्यौहार एवं विशेष पर्वाे तथा उत्सवों पर मुख्य रूप से गाया जाता है। 

  • घूमर लोकगीत के कुछ अंश-
म्हारी घूमर छै नखराली ए माॅ, घूमर रमवा म्हैं जास्याॅ।


8-तेजा गीत क्या होता है। तेजा गीत कब गाते है।


  • किसानों का यह प्रेरक गीत है। जो खेती शुरू करते समय तेजाजी की भक्ति में गाया जाता है।











9-कुरजाॅ लोकगीत क्या होता है। कुरजाॅ गीत कब गाते है।

  • राजस्थानी लोकजीवन में विरहनी द्वारा अपने प्रियतम को संदेश भिजवाने के लिए कुरजाॅ पक्षी को माध्यम बनाकर यह गीत गाया जाता है। 
  • कुरजाॅ लोकगीत के कुछ अंश-
कूजाॅ ए म्हारै भॅवर मिलाद्यो ए।

10-काजलियेा लोकगीत क्या होता है। काजलियों गीत कब गाते है।

  • काजलियेां लोकगीत-भारतीय संस्कृति में काजल सोलह श्रृंगार में से एक है। काजलियों एक श्रृंगारिक गीत है, जो विशेषकर होली के अवसर पर चंग पर गाया बजाया जाता है।

11-ओल्यूॅ गीत क्या होता है। ओल्यूॅ गीत कब गाते है।

  • ओल्यू गीत किसी की याद में गाई जाती है, जैसे बेटी कीी विदाई पर उसके घर की महिलाएं इसे गाती हैं। 

12-गोरबंद क्या होता है। गोरबन्द गीत क्या होता है।

  • -गोरबन्द ऊॅट के गले का आभूषण होता है, जिस पर राजस्थान के ग्रामीण विशेषत मरूस्थलीय व शेखावाटी में लोकप्रिय गोरबन्द गीत प्रचलित है।
13-ढोलामारू लोकगीत क्या होता है। ढोलामारू गीत कब गाते है।

  • यह सिरोही का लोकगीत है। इसे ढाढी गाते हैं। इसमें ढोलामारू की प्रेमकथा का वर्णन है।

14-मूमल लोकगीत क्या होता है। मूमल गीत कब गाते है।

  • जैसलमेर में गाया जाने वाला श्रृंगारिक लोकगीत,जिसमें मूमल का नखशिख वर्णन किया गया है। यह गीत एक ऐतिहासिक प्रेमाख्यान है। मूमल लोद्रवा जैसलमेर की राजकुमारी थी।
  • मूमल लोकगीत के कुछ अंश-

म्हारीं बरसाले रीी मूमल,हालैनी ऐं आलीजे रे देख।

15-पपैयो लोकगीत क्या होता है। पपैयो गीत कब गाते है।
  • पपीया पक्षी पर राज्य के कई भागों में पपैयों गीत गाया जाता है। इसमें प्रेयसी अपने प्रियतम से उपवन में आकर मिलने की प्रार्थना करती है। यह दाम्पत्य प्रेम के आदर्श का परिचायक है।

16 -झोरावा  लोकगीत । 

  • -जैसलमेर जिले में पति के परदेस जाने पर उसके वियोग में गाए जाने वाले गीत झोरावा कहलाते है।
17 -सूंवटिया लोकगीत। 

  • -भीलनी महिला द्वारा परदेस गए पति को इस गीत के द्वारा संदेश भेजा जाता है।
18 -दुपट्टा गीत  लोकगीत । 

  • -शादी के अवसर पर दूल्हे की सालियों द्वारा गाए जाने वाला गीत।
19 -हमसीढो गीत लोकगीत । 

  • - उत्तरी मेवाड के भीलों का प्रसिद्व लोकगीत। इसे महिला और पुरूष साथ में मिलकर गाते है।
20-- गणगौर का गीत लोकगीत । 

  • -गणगौर पर महिलाओं द्वारा गाया जाने वाला प्रसिद्व लोकगीत है।
21 पीपली गीत लोकगीत । 

  • -यह रेगिस्तानी इलाकों विशेष-शेखावटी,बीकानेर तथा मारवाड के कुछ भागों में महिलाओं द्वारा वर्षा ऋतु में गाया जाने वाला लोकगीत है। यह तीज के त्यौहार से कुछ दिन पूर्व से गाया जाता है। यह गीत एक विरहणी के प्रेम को अभिव्यक्त करता है। जिसमें प्रेयसी अपनी परदेसी पति को बुलाती है।
22 हरजस गीत लोकगीत । 

  • -राजस्थानी महिलाओं द्वारा गाए जाने वाले वे सगुणभक्ति लोकगीत जिनतें मुख्य राम और कृष्ण दोनों की लीलाओं का वर्णन होता है।

23 -जलों और जलाल गीत लोकगीत । 

  • -वधू के घर से महिलाएंॅ जब वर की बारात का डेरा देखने जाती है तब यह गीत गाया जाता हैं।

24 -रसिया गीत लोकगीत । 

  • -ब्रज,भरतपुर,धौलपुर आदि में गाए जाने वाले गीत।

25 -इंडोणी गीत लोकगीत । 

  • -इंडोणी सिर पर बोझा रखने के लिए सूत,नारियल की जट या कपडे की बनाई गई गोल चकरी है। इंडोणी पर महिलाओं द्वारा पानी भरते जाते समय गीत गाया जाता है।

26 -लावणी गीत लोकगीत । 

  • -लावणी का मतलब बुलाने से है। नायक के द्वारा नायिका को बुलाने के अर्थ में लावणी गायी जाती है। श्रृंगारिक व भक्ति संबंधी लावणियाॅ प्रसिद्व है।

27 -सीठणे गीत लोकगीत । 

  • -इन्हें गाली गीत भी कहते है। ये विवाह समारोहों में खुशी व आनन्द के लिए गाए जाते है। 

28 -बधावा गीत लोकगीत । 

  • -शुभकार्य सम्पन्न होने पर गाया जाने वाला लोकगीत ,जिसमें आनन्द और उल्लास व्यक्त होता है।


29 -जच्चा गीत लोकगीत । 

  • -बालक जन्मोत्सव पर गाए जाने वाले गीत जच्चा गीत या होलर के गीत कहलाते है।

30 -घोडी गीत लोकगीत । 

  • -लडके के विवाह पर निकासी पर गाए जाने वाले गीत।

31 -बना-बनी गीत लोकगीत । 

  • -विवाह के अवसर पर गाए जाने वाले गीत।

32 -कगा गीत लोकगीत । 

  • -इसमें विरहणी नायिका कौए को संबोधित करके अपने प्रियतम के आने का शगुन मनाती हैं और कौए को प्रलोभन देकर उडने को कहती है।

33 -लांगुरिया गीत लोकगीत । 

  •  -करौली क्षेतर की कुल देवी कैला देवी की आराधना में गाए जाने वाले गीत। करौली क्षेत्र  में शीतला माता के पूजन के साथ ही लांगुरिया पूजन होता है।

34 -हींडो या हिंडोल्या गीत लोकगीत। 

  • -श्रावण मास में राजस्थानी महिलाएॅ झूला झूलते समय यह लालित्यपूर्ण गीत गाती हंै। ।

35 -बीछूडो गीत लोकगीत । 

  • -हाडौती क्षेत्र का एक लोकप्रिय गीत है। जिसमें एक पत्नी ,जिसें बिच्छु ने डस लिया है और मरने वाली है,अपने पति को दूसरा विवाह करने का संदेश देती है।

36 -घुडला गीत लोकगीत । 

  • -मारवाड क्षेत्र में होली के बाद घुडला त्यौहार के अवसर पर कन्याओं द्वारा गाये जाने वाला लोकगीत ।

36 -पंछीडा गीत लोकगीत । 

  • -हाडौती व ढूढाड क्षेत्र में मेलों के अवसर पर अलगोजे,ढोलक व मंजीरे के साथ गाये जाने वाला लोक गीत।

37 -केसरिया बालम गीत लोकगीत । 

  • -इस गीत में पति की प्रतीक्षा करती हुई एक नारी की विरह व्यथा है। यह एक रजवाडी गीत है।

38 -मोरिया गीत लोकगीत । 

  • -इस सरस लोकगीत में ऐसी बालिका की व्यथा है जिसका संबंध तो तय हो चुका है लेकिन विवाह में देरी है।


39 -जीरों गीत लोकगीत । 

  • -इस गीत में ग्राम वधू अपने पति से जीरा नही बोने की विनती करती है। 


40 -चिरमी गीत लोकगीत
। 

  • -इस लोकगीत में चिरमी के पौधे को संबोधित कर बाल गा्राम वधू द्वारा अपने भाई व पिता की प्रतीक्षा के समय की मनोदशा का चितरण है।
विशेष -
इस पोस्ट को लिखते समय बहुत ही सावधानी बरती गई है फिर भी मानवीय कमी और तकनीकी कमी जैसे टाइपिंग में गलती आदि हो जाना स्वाभाविक हैं।
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